hindi Best Women Focused Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Women Focused in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • सपनों की डोली। - 5

    __मौन के पार से आई खबर___बच्चों के मन में उत्पन्न सवालों को नारायणी अक्सर इधर उध...

  • ज़ख्मों की शादी - 12

    Past Timeसृष्टि ने ये बात कबीर को बताते हुए जैसे अपनी पूरी हिम्मत समेट ली थी। आव...

  • पांचाली: फाल्गुनी

    कॉपीराइट © 2026 साधना गौतमसर्वाधिकार सुरक्षित। इस पुस्तक का कोई भी भाग बिना लेखि...

जंगल - 36 By Neeraj Sharma

-------------------------------- "उलझन " उपन्यास जरूरी नहीं सब को पसंद ही आये, हो सकता है जो आप सोचते हो, वो नहीं हो.... आज लोगों की समस्या कया है " पोर्न कुछ देखा जाये.... " देख क...

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डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 40 By Jyoti Prajapati

भूपेंद्र के जीवन का सूरज अब पूरी तरह अस्त हो चुका था। जिस साहब वाली छवि को बचाने के लिए उसने अपना घर फूँक दिया था, अब वही छवि बाज़ार के चौराहों पर नीलाम हो रही थी। पंद्रह हज़ार की नौ...

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ममता ...एक अनुभूति... - 4 By kalpita

लड़की ने बोलना जारी रखा...राज ठाकुर की पत्नी सुनीता ने अचानक मेरा हाथ कसकर पकड़ लिया और मुझे भीतर ले गई।उसकी मुस्कान में एक अजीब-सी दृढ़ता थी, जैसे सब कुछ पहले से तय हो।मेरे पेट पर...

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सपनों की डोली। - 5 By softrebel

__मौन के पार से आई खबर___बच्चों के मन में उत्पन्न सवालों को नारायणी अक्सर इधर उधर की बातें कर टालने का प्रयास करती।नारायण के बिन पहले कुछ दिन बीते, फिर सप्ताह और महीने...धीरे-धीरे...

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चण्डी-दल By कमल चोपड़ा

चण्डी-दलकमल चोपड़ा​बंसी पानवाले से लेकर अमर टेलर तक और शामलाल सब्जीवाले की रेहड़ी से कमेटी के नल तक लोकपुरी में एक ही चर्चा थी—कल रात को दो-तीन औरतों ने रामरतन को बुरी तरह धुन के रख...

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दोष बताओ By कमल चोपड़ा

​दोष बताओकमल चोपड़ा​पति के माथे पर बल पड़ गये थे, "महिलाएँ तो हमारे ऑफिस में भी हैं। छेड़ना तो दूर उनसे मजाक करने की भी हिम्मत कोई नहीं कर सकता। जो ज्यादा चालू हो... चालाक बने या न...

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त्रिशा... - 46 By palvisha

धीरे धीरे ऐसे ही चार साल बीत गए। इन चार सालों में राजन और त्रिशा के जीवन में बहुत कुछ बदला। जैसे त्रिशा अब अपनी बेटी के लिए जीने मारने लगी थी और राजन की आदत दिन पर दिन उसका जीवन दु...

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मुजरिम By कमल चोपड़ा

​मुजरिमकमल चोपड़ा​शोर-शराबा तो ऐसे मचा था जैसे कोई जीता-जागता आतंक गाँव में घुस आया हो, अपना-अपना काम वहीं छोड़कर बच्चे-बूढ़े बाहर निकल पड़े थे, देखा तो सामने से एक अधबूढ़ा-सा आदमी च...

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पति परमेश्वर ऐप। By Jeetendra

आजकल विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली है। उसने चाँद पर बसने के रास्ते खोज लिए हैं। इंसान ने ऐसी मशीनें बना ली हैं जो पलक झपकते ही सारा काम कर देती हैं। लेकिन भारतीय पति के दिमाग को समझ...

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भारतीय नारी : सृष्टि की उद्घाता By prem chand hembram

भारतीय नारी: सृष्टि, संस्कार और संतुलन की आधारशिलाभारत की पुण्यभूमि पर नारी को सदैव “माँ” का सर्वोच्च स्थान दिया गया है।जिस प्रकार यह धरती सम्पूर्ण सृष्टि की जननी है, उसी प्रकार एक...

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संस्कारों की डिग्री। By Jeetendra

शहर के मुख्य चौराहे पर एक बहुत बड़ा होर्डिंग लगा था। उस पर लिखा था कि अब लड़कियों को भटकने की जरूरत नहीं है। परम पावन भारतीय संस्कार यूनिवर्सिटी खुल चुकी है। यहाँ डिग्री केवल पढ़ाई की...

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टूटा-सा कोई दरवाजा By कमल चोपड़ा

​टूटा-सा कोई दरवाजा​रात काफी हो गयी थी। आसपास की झुग्गियों से खड़कते हुए बरतनों, बिलबिलाते हुए बच्चों, कलपती हुई बुढ़ियों, खाँसते-खँखारते हुए बूढ़ों, झींकती हुई स्त्रियों और शराब के...

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लड़की की लिमिट। By Jeetendra

हमारे मोहल्ले में हर घर के दरवाजे पर एक अदृश्य लक्ष्मण रेखा खिंची होती है। इसे सिर्फ लड़कियां ही देख पाती हैं। दयाशंकर जी इस रेखा के सबसे बड़े और निष्ठावान चौकीदार हैं। उनकी बेटी ग...

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ज़ख्मों की शादी - 12 By Sonam Brijwasi

Past Timeसृष्टि ने ये बात कबीर को बताते हुए जैसे अपनी पूरी हिम्मत समेट ली थी। आवाज़ काँप रही थी, आँखें झुकी हुई थीं।सृष्टि  बोली - क… कबीर जी… मैं… मैं प्रेग्नेंट हूँ।कमरे में सन्न...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 17 By Sonam Brijwasi

तीनों हंसते-हंसते थक चुके हैं। Shreya के गाल लाल हो चुके हैं, Kabir और Karan दोनों पसीना पोंछते हुए उसे देख रहे हैं।Kabir (थोड़ा बेबी-सा मुंह बनाते हुए) बोला - बस… मैं थक गया हूं…...

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150 रुपये की कीमत By Raju kumar Chaudhary

तिजोरी का सचज़रूरी काम निपटाने के लिए मैंने जल्दी से अपनी तिजोरी की ओर कदम बढ़ाए।मेरे मन में एक ही डर था  कहीं अनीता गुस्से में तिजोरी तोड़कर सारा सोना लेकर तो नहीं चली गई?हाथ काँप...

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तिजोरी का सच By Raju kumar Chaudhary

मैं अपनी पत्नी को हर रोज़ 150 रुपये बचाने के लिए बाज़ार ले जाता था, तिजोरी खोलने के तीन साल बाद... राज़ जानकर मैं अवाक रह गया।मेरा नाम राकेश है, मैं लखनऊ में रहता हूँ। शादी से पहले...

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हथकड़ी - 3 By Ashish Bagerwal

हीरालाल जी जब गोदाम पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनके स्वप्न में जो नज़ारा था, गोदाम में वैसा कुछ भी नहीं था। एक बल्ब प्रज्वलित हो रहा था जैसे कि अंधेरी रात में उम्मीद की किरण सवेरा...

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इस घर में प्यार मना है - 20 By Sonam Brijwasi

सुबह की हल्की धूप खिड़की से अंदर आ रही थी। कमरे में शांति थी। रुद्रांश अब भी आँखें बंद किए पड़ा था। उसे याद नहीं था वो कहाँ है। बस…एक एहसास था। एक नरम सी खुशबू। एक गर्माहट। एक मुला...

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मेरी शादी, मेरी गलती By Raju kumar Chaudhary

मेरी शादी, मेरी गलती“आशीर्वाद या सवाल?”शादी का मंडप सजा हुआ था। रोशनी, संगीत, मेहमानों की हँसी सब कुछ एक नए जीवन की शुरुआत का संकेत दे रहे थे।मैं, आर्यन, अनाया के साथ फेरे लेने ही...

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पांचाली: फाल्गुनी By Sadhna Gautam

कॉपीराइट © 2026 साधना गौतमसर्वाधिकार सुरक्षित। इस पुस्तक का कोई भी भाग बिना लेखिका की लिखित अनुमति के किसी भी रूप में—चाहे इलेक्ट्रॉनिक, यांत्रिक, फोटोकॉपी, रिकॉर्डिंग या अन्य किसी...

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दहेज एक बुराई या प्रथा By Gauri Katiyar

दहेज यह एक साधारण शब्द नहीं, बल्कि एक ऐसी भयानक बीमारी है जिसमें एक लड़की की पूरी ज़िंदगी, उसकी आज़ादी और उसके सपने सिमट कर रह जाते हैं। यह बीमारी आज के समाज का ऐसा कभी न मिटने वाल...

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जंगल - 36 By Neeraj Sharma

-------------------------------- "उलझन " उपन्यास जरूरी नहीं सब को पसंद ही आये, हो सकता है जो आप सोचते हो, वो नहीं हो.... आज लोगों की समस्या कया है " पोर्न कुछ देखा जाये.... " देख क...

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डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 40 By Jyoti Prajapati

भूपेंद्र के जीवन का सूरज अब पूरी तरह अस्त हो चुका था। जिस साहब वाली छवि को बचाने के लिए उसने अपना घर फूँक दिया था, अब वही छवि बाज़ार के चौराहों पर नीलाम हो रही थी। पंद्रह हज़ार की नौ...

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ममता ...एक अनुभूति... - 4 By kalpita

लड़की ने बोलना जारी रखा...राज ठाकुर की पत्नी सुनीता ने अचानक मेरा हाथ कसकर पकड़ लिया और मुझे भीतर ले गई।उसकी मुस्कान में एक अजीब-सी दृढ़ता थी, जैसे सब कुछ पहले से तय हो।मेरे पेट पर...

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सपनों की डोली। - 5 By softrebel

__मौन के पार से आई खबर___बच्चों के मन में उत्पन्न सवालों को नारायणी अक्सर इधर उधर की बातें कर टालने का प्रयास करती।नारायण के बिन पहले कुछ दिन बीते, फिर सप्ताह और महीने...धीरे-धीरे...

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चण्डी-दल By कमल चोपड़ा

चण्डी-दलकमल चोपड़ा​बंसी पानवाले से लेकर अमर टेलर तक और शामलाल सब्जीवाले की रेहड़ी से कमेटी के नल तक लोकपुरी में एक ही चर्चा थी—कल रात को दो-तीन औरतों ने रामरतन को बुरी तरह धुन के रख...

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दोष बताओ By कमल चोपड़ा

​दोष बताओकमल चोपड़ा​पति के माथे पर बल पड़ गये थे, "महिलाएँ तो हमारे ऑफिस में भी हैं। छेड़ना तो दूर उनसे मजाक करने की भी हिम्मत कोई नहीं कर सकता। जो ज्यादा चालू हो... चालाक बने या न...

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त्रिशा... - 46 By palvisha

धीरे धीरे ऐसे ही चार साल बीत गए। इन चार सालों में राजन और त्रिशा के जीवन में बहुत कुछ बदला। जैसे त्रिशा अब अपनी बेटी के लिए जीने मारने लगी थी और राजन की आदत दिन पर दिन उसका जीवन दु...

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मुजरिम By कमल चोपड़ा

​मुजरिमकमल चोपड़ा​शोर-शराबा तो ऐसे मचा था जैसे कोई जीता-जागता आतंक गाँव में घुस आया हो, अपना-अपना काम वहीं छोड़कर बच्चे-बूढ़े बाहर निकल पड़े थे, देखा तो सामने से एक अधबूढ़ा-सा आदमी च...

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पति परमेश्वर ऐप। By Jeetendra

आजकल विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली है। उसने चाँद पर बसने के रास्ते खोज लिए हैं। इंसान ने ऐसी मशीनें बना ली हैं जो पलक झपकते ही सारा काम कर देती हैं। लेकिन भारतीय पति के दिमाग को समझ...

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भारतीय नारी : सृष्टि की उद्घाता By prem chand hembram

भारतीय नारी: सृष्टि, संस्कार और संतुलन की आधारशिलाभारत की पुण्यभूमि पर नारी को सदैव “माँ” का सर्वोच्च स्थान दिया गया है।जिस प्रकार यह धरती सम्पूर्ण सृष्टि की जननी है, उसी प्रकार एक...

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संस्कारों की डिग्री। By Jeetendra

शहर के मुख्य चौराहे पर एक बहुत बड़ा होर्डिंग लगा था। उस पर लिखा था कि अब लड़कियों को भटकने की जरूरत नहीं है। परम पावन भारतीय संस्कार यूनिवर्सिटी खुल चुकी है। यहाँ डिग्री केवल पढ़ाई की...

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टूटा-सा कोई दरवाजा By कमल चोपड़ा

​टूटा-सा कोई दरवाजा​रात काफी हो गयी थी। आसपास की झुग्गियों से खड़कते हुए बरतनों, बिलबिलाते हुए बच्चों, कलपती हुई बुढ़ियों, खाँसते-खँखारते हुए बूढ़ों, झींकती हुई स्त्रियों और शराब के...

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लड़की की लिमिट। By Jeetendra

हमारे मोहल्ले में हर घर के दरवाजे पर एक अदृश्य लक्ष्मण रेखा खिंची होती है। इसे सिर्फ लड़कियां ही देख पाती हैं। दयाशंकर जी इस रेखा के सबसे बड़े और निष्ठावान चौकीदार हैं। उनकी बेटी ग...

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ज़ख्मों की शादी - 12 By Sonam Brijwasi

Past Timeसृष्टि ने ये बात कबीर को बताते हुए जैसे अपनी पूरी हिम्मत समेट ली थी। आवाज़ काँप रही थी, आँखें झुकी हुई थीं।सृष्टि  बोली - क… कबीर जी… मैं… मैं प्रेग्नेंट हूँ।कमरे में सन्न...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 17 By Sonam Brijwasi

तीनों हंसते-हंसते थक चुके हैं। Shreya के गाल लाल हो चुके हैं, Kabir और Karan दोनों पसीना पोंछते हुए उसे देख रहे हैं।Kabir (थोड़ा बेबी-सा मुंह बनाते हुए) बोला - बस… मैं थक गया हूं…...

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150 रुपये की कीमत By Raju kumar Chaudhary

तिजोरी का सचज़रूरी काम निपटाने के लिए मैंने जल्दी से अपनी तिजोरी की ओर कदम बढ़ाए।मेरे मन में एक ही डर था  कहीं अनीता गुस्से में तिजोरी तोड़कर सारा सोना लेकर तो नहीं चली गई?हाथ काँप...

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तिजोरी का सच By Raju kumar Chaudhary

मैं अपनी पत्नी को हर रोज़ 150 रुपये बचाने के लिए बाज़ार ले जाता था, तिजोरी खोलने के तीन साल बाद... राज़ जानकर मैं अवाक रह गया।मेरा नाम राकेश है, मैं लखनऊ में रहता हूँ। शादी से पहले...

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हीरालाल जी जब गोदाम पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनके स्वप्न में जो नज़ारा था, गोदाम में वैसा कुछ भी नहीं था। एक बल्ब प्रज्वलित हो रहा था जैसे कि अंधेरी रात में उम्मीद की किरण सवेरा...

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इस घर में प्यार मना है - 20 By Sonam Brijwasi

सुबह की हल्की धूप खिड़की से अंदर आ रही थी। कमरे में शांति थी। रुद्रांश अब भी आँखें बंद किए पड़ा था। उसे याद नहीं था वो कहाँ है। बस…एक एहसास था। एक नरम सी खुशबू। एक गर्माहट। एक मुला...

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मेरी शादी, मेरी गलती By Raju kumar Chaudhary

मेरी शादी, मेरी गलती“आशीर्वाद या सवाल?”शादी का मंडप सजा हुआ था। रोशनी, संगीत, मेहमानों की हँसी सब कुछ एक नए जीवन की शुरुआत का संकेत दे रहे थे।मैं, आर्यन, अनाया के साथ फेरे लेने ही...

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पांचाली: फाल्गुनी By Sadhna Gautam

कॉपीराइट © 2026 साधना गौतमसर्वाधिकार सुरक्षित। इस पुस्तक का कोई भी भाग बिना लेखिका की लिखित अनुमति के किसी भी रूप में—चाहे इलेक्ट्रॉनिक, यांत्रिक, फोटोकॉपी, रिकॉर्डिंग या अन्य किसी...

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दहेज एक बुराई या प्रथा By Gauri Katiyar

दहेज यह एक साधारण शब्द नहीं, बल्कि एक ऐसी भयानक बीमारी है जिसमें एक लड़की की पूरी ज़िंदगी, उसकी आज़ादी और उसके सपने सिमट कर रह जाते हैं। यह बीमारी आज के समाज का ऐसा कभी न मिटने वाल...

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